बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
वो लम्हा भी अजीब होता है जब कोई अपना, अपना नहीं रहता और उसकी यादें दिल से जाती नहीं।
मेरे ख्वाबों में भी तेरी सूरत बसी हुई है,
कितना प्यारा था वो वक्त, अब बस एक सिला पड़ा है।
शब्दों में जो बात नहीं, वो एहसास क्या है।
आंखों में आंसू नहीं, फिर भी रोते हैं, तेरी यादों के बिना, अब हम अधूरे होते हैं।
अब दर्द की आदत सी हो गई है, खुशी मिले तो अब डर सा लगता है।
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
वो कहकर गया था तुम्हारे बिना जी नहीं सकता
जैसे सपना टूटा हुआ और बिखरा सा लगता है।
मुझे रोता देखकर वो हंस दिया, काश! मेरा दर्द ही मेरी खुशी होती।
हमने तुम्हारे नाम से अपनी दुनिया बनाई थी,
प्यार में अक्सर ऐसा होता है, जो सबसे ज़्यादा लव करता है वही रोता है।
अब सोचते हैं, क्या तुमने Sad Shayari कभी समझा क्या।